How does Wireless charger works in Hindi/ वायरलेस चार्जर कैसे काम करता है

How does Wireless charger works in Hindi

How does Wireless charger works in Hindi/ वायरलेस चार्जर कैसे काम करता है

इंडिया के इंजीनियरिंग कॉलेजों में wireless energy transfer का एक सेमिनार टॉपिक होता है और साथ साथ प्रोजेक्ट्स भी इस पर बनाये जाते हैं. जब मैं भी इंजीनियरिंग कॉलेज के फाइनल इयर में था तो हमारे टीचर बताते थे कि ये तो बिल्कुल नई टेक्नोलॉजी है जो अभी पूरी तरह से develop नही हो पायी है, लेकिन शायद हम गलत थे. जबकि टेस्ला नाम के महान वैज्ञानिक ने पहले ही इसके बारे में अपने सिद्धांत दिए थे कि दो conductors के बीच में बिना किसी तार के वायरलेस energy transfer की जा सकती है. बाद में करीब 10-12 साल पहले एक smart phone manufacturing कम्पनी “Palm” ने अपने फोन में wireless charging के option दिए हुए थे. आज कल iPhone और Samsung के smart android phones में wireless charging का option आता है, जिसमें एक pad दिया होता है जिसको बिजली के socket से लगाया जाता है और उस  pad पर फ़ोन को सिर्फ रख दिया जाता है और हमारा फ़ोन बिना कोई cable लगाए charge होने लगता है. तो चलिए बात करते हैं How does Wireless charger works in Hindi”.

 

What is Wireless charger/ वायरलेस चार्जर क्या है

दरअसल वायरलेस चार्जर एक ऐसी डिवाइस है जो बिना किसी तार लगाए बैटरी को charge करती है चाहे वो मोबाइल हो या smart watch (घडी) या और कुछ. इसके दो part होते हैं एक transmitter और दुसरा receiver. अगर हमें अपने मोबाइल फ़ोन को वायरलेस बनाना है तो उसको receiver की तरह काम करना पड़ेगा, जिसकी body पर या फिर बैटरी पर coils लिपटी हुई होती है और transmitter में भी coils होती है जो energy को electromagnetic induction के जरिये transfer करती है.

वायरलेस चार्जर में एक pad होता है जिसको बिजली के board से power डी जाती है और जब हम उस pad पर अपना मोबाइल रखते हैं तो उसकी बैटरी electromagnetic induction के जरिये charge होने लगती है, लेकिन इसकी charging speed इतनी ज्यादा नही होती क्युकी transmitter और receiver coils के बीच energy transfer करने में कुछ losses हो जाते हैं. अगर आपको charging speed को तेज़ करना है तो उसके लिए बड़े size की coils लगानी पड़ती हैं.

 

How does Wireless Charger works/ वायरलेस चार्जर कैसे काम करता है

सबसे पहले तो बता दें कि वायरलेस चार्जर पूरी तरीके से वायरलेस नही होता, हाँ इसमें जिस device को आप charge करते हैं उसमें किसी तरीके का कोई cable नही लगानी पड़ती, लेकिन इसके charging pad में बिजली के board से power cable लगानी पड़ती है. वायरलेस चार्जर का सिस्टम magnetic induction के सिद्धांत पर काम करता है, जिसमें energy को transfer करने के लिए magnetism का use किया जाता है.

जब हम बिजली के बोर्ड से चार्जर को power connection देते हैं तो चार्जर में लगी coil में magnetic field generate होता है. अब ये magnetic field उसके पास वाली coil में current पैदा करता है जो कि आपके smart phone में लगी होती है और यही magnetic energy electrical energy में convert होकर मोबाइल की बैटरी को charge करने लगती है. किसी भी मोबाइल को charge करने के लिए उसमे coils होनी जरुरी हैं जो कि receiver का काम करती है, बिना coils के बैटरी charge ही नही होगी.

अगर साधारण भाषा में कहें तो जब किसी coil (चार्जर) को power दी जाती है तो उसमें magnetic इंडक्शन होने लगता है और जब भी कोई दूसरी coil (मोबाइल) उसके पास में आती है तो वो अपनी energy को दूसरी coil में transfer करने लगती है.

 

Available smart phones with wireless charging option:

मार्किट में अब तो काफी कम्पनीयों ने अपने smart phones लांच किये हैं जिनमे wireless charging के options हैं, जैसे कि

Samsung Galaxy Note 5 और Galaxy Note 8

Samsung Galaxy S8, S8+, S7, S7 Edge

LG G6, LG V30

Apple iPhone 8, iPhone X

ऐसे और भी कम्पनी हैं जो अब अपने फ़ोन में वायरलेस चार्जिंग के option दे रही हैं. कुछ फ़ोन ऐसे होते हैं जिनकी back plate पर coil लगी होती है, किसी में बैटरी के ऊपर लगी होती है तो किसी फ़ोन के लिए अलग से भी मोबाइल cover type खरीदना पड़ता है और उस cover को मोबाइल में लगा कर भी आप वायरलेस charging का मजा ले सकते हैं.

 

Advantage & Disadvantage of wireless charger

जैसा कि हम जानते हैं कि इसमें charging के लिए कोई भी cable मोबाइल फ़ोन में नही लगनी पड़ती, तो इसका सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि अगर आप अपने ऑफिस में भी हैं तो आप अपनी टेबल पर ऐसे ही मोबाइल फ़ोन को रख कर charge कर सकते हैं और जब चाहे use कर सकते हैं आपको बार बार charging cable pin लगाने और निकालने की जरूरत नही है.

और अगर disadvantage की हम बात करें तो इसकी charging speed slow (धीमी) होती है जिससे मोबाइल की बैटरी धीरे धीरे ही charge होती है क्युकी transmitter की coil जब receiver की coil को energy transfer करती है तो energy 100% amount में transfer नही हो पाती क्युकी transfer करने कुछ losses भी होते हैं, जिससे बैटरी को कम मात्रा में पॉवर मिलती और full charge होने में ज्यादा टाइम लगता है.

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उम्मीद करता हूँ कि “How does Wireless charger works in Hindiआर्टिकल आपको पसंद आया होगा.

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