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Plastic to oil Business plant in Hindi/प्लास्टिक से पेट्रोल बिजनेस

Plastic to oil Business plant in Hindi

Plastic to oil Business plant in Hindi/प्लास्टिक से पेट्रोल बिजनेस:

भारत के एक नागरिक ने एक ऐसा प्लांट develop किया है जिसके 10 किलोग्राम प्लास्टिक waste से 9.5 लीटर पेट्रोल बनाया जाता है.
भारत देश अमेरिका, जापान और चीन जैसे देशों से टेक्नोलॉजी में सिर्फ कुछ ही कदम दूर है और हमें गर्व है कि हम भारतीय पूरी दुनिया में अपनी काबिलियत का डंका बजा रहे हैं. भारत के नागरिक ने प्लास्टिक से पेट्रोल बनाकर भारत को और उसके लोगों की समृद्धि के लिए नए दरवाजे तो खोले ही हैं साथ के साथ पर्यावरण के लिए कितना फायदा होगा इस बात का तो आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते.
भारत के श्री जीथ और परिैजनम पंचायत दोनों व्यक्तियों ने मिलकर Pyrolysis plant बनाया है जहां प्लास्टिक से पेट्रोल बनाया जाता है. इन लोगों ने एक ऐसा आप prototye pyrolysis plant बनाया है जिसमें प्लास्टिक waste को burn (जलाकर) करके साफ करके पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थ बनाए जाते हैं. यह पर्यावरण को प्रदूषण रहित बनाने में भी एक अहम कदम है क्योंकि प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जो कभी गलती नहीं है और मिट्टी के साथ मिलने पर उसका उपजाऊपन भी नष्ट कर देता है.

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Plastic to oil Business plant in Hindi

मिस्टर श्री जीथ solid waste मैनेजमेंट में कई साल से काम कर चुके हैं और kodungoller साइंस सेंटर के director भी है जिन्होंने विद्यार्थियों के विज्ञान परीक्षण के जरिए इस technique का अविष्कार किया. श्री जीथ जी का कहना है कि पेट्रोलियम प्लास्टिक प्रोडक्ट को एक निश्चित तापमान पर गर्म करके बनाया जाता है. इस prototype pyrolysis प्लांट में प्लास्टिक का polymerization किया जाता है और इस टेक्नोलॉजी से 10 किलोग्राम प्लास्टिक से 9 लीटर 600 मिलीलीटर पेट्रोलियम बनाया जा सकता है.
इस प्लांट में प्लास्टिक जलकर गैस (gas) और long-chain hydrocarbons (हाइड्रोकार्बन) बनते हैं, जिन्हें पानी द्वारा condense करके द्रव् पेट्रोलियम में बदला जाता है.
Small chain hydrocarbons गैस रूप में एकत्रित होते हैं जो LPG या फिर बायोगैस के घटक है. जो पेट्रोलियम प्लास्टिक से प्राप्त होता है उसको पेट्रोलियम कंपनियों को देते हैं जहां वह उसकी क्वालिटी टेस्ट करते हैं और कई तरीके के बायो-प्रोडक्ट जैसे turpentine और वैसलीन आदि बनाए जाते हैं और जो प्लास्टिक बर्नर में waste बचता है उसे paint बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.
अगर plastic waste आपको कम कीमत में मिल जाता है तो सिर्फ लेबर (labor) का खर्चा आता है और इस प्लांट को लगाने के लिए आपको पोलुशन कंट्रोल बोर्ड से अनुमति लेकर अपने घर/गांव में भी अपना प्लांट बना सकते हैं और यकीन मानिए अगर आप यह बिजनेस करते हैं तो काफी अच्छी income के साथ-साथ आप पर्यावरण सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण योगदान देंगे.

मैंने लोगों की सहायता के लिए उन्हें अपना बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करने के लिए कई आर्टिकल लिखे हैं और शायद मैं मानता हूं कि यह आर्टिकल सबसे बेहतर साबित होगा.
तो चलिए बात करते हैं कि “Plastic to oil Business plant in Hindi” कैसे बनाया जाए प्लास्टिक से पेट्रोलियम.

 

प्लास्टिक से पेट्रोल (convert plastic to oil):

Pyrolysis एक thermochemical प्रक्रिया है जिसमें कार्बनिक पदार्थों को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में एक निश्चित तापमान पर सढ़ाया जाता है. इस प्रक्रिया में उच्च श्रेणी पॉलीमर निम्न श्रेणी हाइड्रोकार्बन में गर्मी और दबाव से बदल जाते हैं.
Pyrolysis के कुछ फायदे यह भी है कि इससे किसी तरह का खतरनाक प्रदूषण नहीं होता और जो बचे हुए घटक होते हैं उन्हें फिर से प्लांट को चलाने के लिए ईंधन के रूप में यूज़ किया जा सकता है.
Pyrolysis प्रक्रिया से गैसोलीन, केरोसीन, डीजल और उच्च कैटेगिरी के जैसे बेंजीन, टॉलूईन और जाइलीन जैसे valuable fuels और solvents प्राप्त होते हैं.

यह नई टेक्नोलॉजी इस समय बहुत प्रसिद्ध और काफी डिमांड में है. इसकी मशीनें अभी काफी महंगी है अगर आपके पास बिजनेस के लिए अच्छा पैसा लगाने की क्षमता है तो आप मशीने खरीद सकते हैं लेकिन अभी मैं यहां आपको बिना मशीनों के घर पर ही प्लास्टिक से पेट्रोल बनाना बता रहा हूं.

Step 1). Procedure (प्रक्रिया):

Plastic to oil Business plant in Hindi

यहां आपको बहुत ज्वलनशील क्रियाओं के साथ काम करना होता है तो बहुत सी सावधानियां भी बरतनी पड़ती है.
* ज्वलनशील भट्टी से दूर रहे.
* भट्टियों और ज्वलनशील पदार्थों को आग और बिजली से बचाएं क्योंकि इसमें कई तरह की गैस बनती है जिससे खतरा बढ़ जाता है.
* खुली जगह पर ही काम करें.
* पानी या फिर आग बुझाने वाला सिलेंडर पास रखें.

Prototype Pyrolysis reactor बनाए:

Plastic to oil Business plant in Hindi

* एक मजबूत रिएक्टर चेंबर बनाए.
* कॉपर, स्टील या एलुमिनियम की संघनन ट्यूब बनाएं.
* गली हुई प्लास्टिक का तापमान देखने के लिए digital temperature indicator का यूज करें.
* अब ऐसा सिस्टम भी तैयार करना है जिसमें condense और product mixer को इकट्ठा किया जा सके.

Step 2). Reactor बनाएं:

शुरुआत करने से पहले आपको फैसला करना है कि एक बार में कितनी मात्रा में प्लास्टिक लेना है जैसे एक किलोग्राम प्लास्टिक से 1 लीटर फ्यूल बनाया जा सकता है मैं अभी यहां सिर्फ 100 ग्राम प्लास्टिक से fuel बनाना बता रहा हूं.
कोई भी reactor उपयोग करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि यह मजबूत धातु का बना हो और आसानी से खोलकर साफ किया जा सके और कहीं से leak ना हो.
आप stainless steel का बड़ा बर्तन यूज़ कर सकते हैं और उसे पकड़ने के लिए उसमें कोई clamp fit कर दें और एल्यूमिनियम की पत्ती से उसे fit कर दें. अब बर्तन के ऊपर बीचो-बीच एक छेद कर दें जिससे फ्यूल की vapor बाहर निकल सके.

Step 3).Energy को condense करें:

Plastic to oil Business plant in Hindi

400 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर रिएक्टर की प्लास्टिक vapor ईंधन में बदल जाती है. अब इस vapor को liquid में बदलने के लिए कंडेनसर (condenser) से गुजारा जाता है. कंडेनसर मजबूत और leak-proof होना चाहिए और इसमें कॉपर के पाईप use होने चाहिए जो A/C और रेफ्रिजरेटर में यूज़ होते हैं, लेकिन आप एल्युमीनियम या स्टील के पाइप भी यूज़ कर सकते हैं.
कंडेनसर की लंबाई इतनी नहीं होती की उससे 400 डिग्री सेंटीग्रेड vapor को ठंडा करके रूम टेंपरेचर तक ला सकें इसलिए पहले इसे पानी में धोया जाता है और तैरते हुए तेल को पानी से अलग कर लिया जाता है.

Step 4). काला सोना (Black gold/petroleum) बनाए:

Plastic to oil Business plant in Hindi

यह सब स्टेप पूरे होने के बाद अब इसको फ्यूल में बदलना है.
* प्लास्टिक को बेहतर और तेज प्रक्रिया (reaction) के लिए छोटे छोटे टुकड़ों में कर ले.
* प्लास्टिक के टुकड़ों को रिएक्टर chamber में भर दें.
* अपने stove के साथ आवश्यक इक्यूपमेंट जुड़े और inlet water flow शुरू करें.
* Stove (भट्टी) को शुरू करें और पीछे हट जाएं.

गर्म होने पर कंडेनसर में से भभका (fumes) निकलता दिखाई देगा और बूंद-बूंद का रिसाब होगा और इस तरह धीरे-धीरे vapor ईंधन निकलना शुरू होगा. अभिक्रिया के समाप्त होने पर जो चेंबर पहले पूरा भरा हुआ था अब वह खाली हो चुका होगा. अब कचरा तेल में से गायब हो चुका होगा फिर उस तेल को दोषरहित करने के लिए उसे लंबे समय तक गर्म करना होगा. अगर आपको शुद्ध तेल निकालना है तो आपको Distillation करना होगा. डिस्टिलेशन प्रोसेस के बाद इसमें से कई तरीके के बायो प्रोडक्ट निकलते हैं जैसे की Benzene, toluene और डीजल जैसे मिश्रण जो की उसके boiling point, गंध (odour) और calorific value पर निर्भर करता है.

कचरे से पैसा:

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप प्रत्येक की सहायता भी कर रहे हैं प्रदूषण कम करके और साथ के साथ पैसा भी कमा रहे हैं.
इसमें बहुत सी प्लास्टिक के सामान उपयोग में लाए जा सकते हैं जैसे की बोतलें, बाल्टी, ढक्कन आदि और बहुत सी लचीली प्लास्टिक भी जैसे की बैग और wraps.

प्लास्टिक से fuel के लिए महत्वपूर्ण बातें:

Non-recycled प्लास्टिक को उपयोगी fuel में बदलने की यह बहुत ही अच्छी और सुंदर टेक्नोलॉजी है.
1). प्लास्टिक एकत्रित करें और इसे ऑक्सीजन मुक्त वातावरण में गर्म करें, जिससे यह पिघलकर गैस में बदल जाता है. यह गैस ठंडी
करके और condense करके useful प्रोडक्ट बनाए जाते हैं.

2). इससे बहुत से प्रोडक्ट्स जैसे की synthetic crude और refined fuel, घरों और कमरों को गर्म करने के लिए, डीजल के घटक गैसोलीन या केरोसीन या फिर इंडस्ट्रियल फैक्ट्रियों के लिए fuel भी तैयार कर सकते हैं.

Conclusion:

इंदौर की एक संस्था “Green Earth innovations” ने दावा किया है कि हम ऐसे कई प्लांट भारत में खोलने जा रहे हैं जिससे पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ भारत जो पेट्रोलियम विदेशों से आयात करता है उसमें काफी मात्रा की कटौती कर सकते हैं,
जिससे भारतीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, पेट्रोलियम ईंधन की कीमतें भी कम होगी और भारतीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.
बिजनेस के सिलसिले में बात करें तो कुछ लोग कुछ नया बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं, दरअसल यह आर्टिकल मैं ऐसे ही लोगों के लिए लिख रहा हूं और यकीन मानिए की इस नई टेक्नोलॉजी के साथ बिजनेस करने का तो मजा ही कुछ और है.
पेट्रोल, डीजल, मिट्टी के तेल आदि यह तो ऐसे घटक हैं जिनकी मांग किसी भी देश में या शहर में कभी ना तो पूरी हो पाती है और ना ही लोग इसका इस्तेमाल करना बंद करते हैं.

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Plastic to oil Business plant in Hindi” Ummed h article aapko pasand aaya hoga.

तो बहुत बहुत धन्यवाद आपका और हां कुछ भी सवाल हो तो आप मुझे नीचे कमेंट भी कर सकते हैं, हम से जुड़े रहिए.

मेरी शुभकामनाएं !!

Thanks a lot to be BusinessBharat Blog Reader…

Hope you enjoy & Learn..!!

17 Comments

  1. Jayraj melo December 9, 2017
  2. Raj singh March 22, 2018
  3. Abhinav Verma April 6, 2018
  4. Anand Kumar April 14, 2018
  5. Anand Kumar April 14, 2018
  6. Soniya April 21, 2018
  7. Prashant sharma April 29, 2018
  8. Anil kumar mandal May 31, 2018
  9. Lucky morya June 3, 2018
  10. Dipika bhatt July 12, 2018
  11. Rakesh kumar July 24, 2018
  12. रवि September 3, 2018
  13. paritosh October 15, 2018
  14. Vikrant October 15, 2018
  15. Aashish November 2, 2018
  16. jayraj meli December 2, 2018

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