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Letter Writing in Hindi पत्र लेखन

Letter Writing in Hindi

Letter Writing in Hindi पत्र लेखन

पहले जब मोबाइल, इंटरनेट आदि की सुविधा नहीं थी तो लोग एक दुसरे से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए लेटर यानी पत्र लिखा करते थे, लेकिन अब जैसे जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है तब से पत्र लेखन तो जैसे बिल्कुल समाप्त ही हो गया है. मैं इस आर्टिकल में आपको पत्र लेखन के फॉर्मेट और तरीके बता रहा हूँ जिससे आपको एक प्रोफेशनल तरीके से Letter Writing in Hindi में लिखने का अंदाजा हो जाएगा. तो चलिए शुरू करते हैं.

अगर आप गौर करेंगे सिर्फ इस भारत देश के ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम देशों के महान लोग जिनको दुनिया अपने महापुरुषों की तरह मानते हैं, सभी पत्र लेखन में निपुण थे और इन लोगों में यही एक समानता दिखाई देती है.

 

पत्र लेखन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं…. अनौपचारिक पत्र और औपचारिक पत्र.

अनौपचारिक पत्र मुख्यत व्यक्तिगत पत्र होते हैं, जिनको लोग अपने दोस्तों, सगे- सम्बन्धियों को लिखते हैं और दुसरे औपचारिक पत्र जिनको किसी निश्चित उद्देश्यों या आधिकारिक व्यक्तियों के लिए लिखे जाते हैं.

 

 

हिंदी में लेटर कैसे लिखें Letter Writing in Hindi

व्यक्तिगत पत्र के उदाहरण

 

Letter Writing in Hindi

 

1). अपने मित्र को उसकी शादी में शामिल ना हो पाने की सूचना देते हुए एक पत्र

 

79, प्रीत विहार

दिल्ली

 

04 जुलाई, 2018

 

प्रिय रोहित,

 

मैं काफी समय से इसी इंतज़ार में था कि कब मेरे दोस्त की शादी होगी और जैसे ही मुझको आपका बुलावा आएगा मैं जरूर आपकी शादी में आऊंगा और अपने दोस्त को उसके नए जीवन के सफर की शुरुआत में उसके साथ रहूँगा.

सबसे पहले तो मैं तुम्हे और होने वाली भाभी को शुभकामनाएं देता हूँ कि तुम दोनों सुखी पूर्वक अपने दांपत्य जीवन का शुभारंभ करना और जीवन भर सुखी रहना।

जब तुम्हारा शादी का निमंत्रण पत्र मिला तो मैं तो जैसे फूला ना समाया और मैंने तो तभी से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन मुझे बड़े ही खेद के साथ तुमको ये बताना पड़ रहा है कि मैं तुम्हारी शादी में शामिल नहीं हो पाऊंगा। मैं अभी दुबई में नौकरी कर रहा हूँ और यहां से वीसा तैयार कराने में भी काफी समय लग जाएगा.

मैं हमेशा से ही तुम्हारे साथ रहा हूँ लेकिन इस शुभ घडी के अवसर पर मैं तुम्हारे साथ नहीं हूँ जिसका मुझे बड़ा ही खेद है और शायद ये मेरा दुर्भाग्य ही है.

दोस्त, तुम्हारे परिवार की खुशहाल भरी जिंदगी के लिए शुभकामनाएं।

 

भवदीय,

हिमांशु

 

 

2). मित्र की माता के देहावसान पर सांत्वना देने हेतु पत्र (Letter Writing in Hindi)

 

81, यमुनापुरम

बुलन्दशहर

 

05 जुलाई, 2018

 

प्रिय अमित

 

मुझे आज ही विनय भाई से तुम्हारी माताजी के देहावसान के बारे में पता चला और दुःख इस बात का भी है इस मुश्किल भरे वक़्त में मैं तुम्हारे पास नहीं हूँ इसके लिए मुझे हो सके तो क्षमा कर देना। आपकी मम्मीजी ने कभी तुमको और मुझे अलग नहीं समझा, जितना प्यार वो तुमसे करतीं थीं मेरे  उनका व्यवहार अपने बेटे जैसा ही रहा था।

आज मुझे भी बड़ा दुःख हो रहा है लेकिन तुम इस विपत्ति भरे समय में अपना धैर्य मत खोने देना क्योंकि अगर तुम ही हिम्मत से काम नहीं लोगे तो छोटे भाई और बहिन दोनों का तो बुरा हाल हो जाएगा. मेरे दोस्त तुमको इस गंभीर क्षति का सामना करना होगा अपने परिवार के लिए।  उनकी ख़ुशी के लिए आपको अपने दुःख को समेटकर उनके साथ खुशियों के दो पल ढूंढने होंगे।

मेरे दोस्त सब ठीक हो जाएगा और जीवन में खुशियां और हसीं भी आएगी इसी उम्मीद से आपको इस क्षति का साहस से सामना करना है।  मैं भी जल्दी ही तुम्हारे घर और परिवार से मिलने आऊंगा। 

दोस्त सब ठीक हो जाएगा।

 

भवदीय,

कैलाश

 

3). अपने मित्र को उसकी सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफलता पर बधाई देने के लिए पत्र

 

46, तिलक नगर

दिल्ली

 

28 जुलाई, 2018

 

प्रिय सागर,

 

मुझे जब ये समाचार मिला कि तुमने सिविल सर्विसेज का एग्जाम पास कर लिया है, मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितनी ख़ुशी और गर्व का अनुभव है. जिस तरह तुमने घर की आर्थिक स्थिति के कमजोर होने पर भी अपना विश्वास बनाये रखा और निरंतर अपना प्रयास करते रहे, वो वाकई काबिले तारीफ़ है.

तुम शुरुआत से ही पढ़ाई में टॉपर थे और हमें ही नहीं बल्कि सभी अध्यापकों को भी ये भरोसा था कि तुम इस परीक्षा को जरूर उतीर्ण करोगे और तुमने ये साबित कर ही दिया.

आगे ही इसी आत्म-विश्वास के साथ अपने देश की प्रगति के लिए कार्यरत रहना और हमेशा ख़ुशी से जीवन यापन करना यही कामना करता हूँ.

एक बार फिर तुम्हें इस सफलता के लिए बहुत बहुत बधाई.

 

भवदीय,

सोनू

 

Letter Writing in Hindi

 

4). अपने दोस्त को उसके क्षेत्र में अपने पुत्र के लिए कोचिंग के बारे में जानकारी लेने के लिए पत्र

 

37, गोविंदपुरम

गाज़ियाबाद

 

26 फरबरी, 2018

 

प्रिय ऋतिक

 

बहुत दिन हो गए तुमसे मिले हुए, घर पे सब कैसे हैं और तुम्हारा बिज़नेस कैसा चल रहा है.

मुझे कुछ दिन पहले हमारे ही कॉलेज के दोस्त एक शादी में मिले थे तब उनसे पता चला कि तुम मुंबई में हो. मेरे छोटे बेटे ने अभी इसी साल बीएससी की पढ़ाई पूरी की है और वो अब सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी करना चाह रहा है. तुम्हारे बेटे की भी सिविल सर्विसेज की कोचिंग चल रही है न, उसकी पढ़ाई कैसी चल रही है….??

क्या तुम अपने बेटे से सलाह लेकर मुझे मेरे बेटे की कॉचिंग के लिए कोई सुझाव दे सकते हो कि कहाँ से उसकी कोचिंग अच्छी हो सकती है. वैसे तो यहां पर भी काफी सारे इंस्टिट्यूट हैं लेकिन मैं एक बार तुमसे सलाह लेकर ही इसको एडमिशन दिलाने की सोच रहा हूँ.

आपके पापा और मम्मी कैसे हैं और भाभी जी कैसी हैं…आशा है सब कुशल से होंगे.

दोस्त मुझे आपके सुझाव के पत्र का इंतज़ार रहेगा.

 

भवदीय,

प्रवीन

 

5). अपने छोटे भाई को जीवन में उत्तम शिक्षा के महत्व समझाने के लिए पत्र

 

04, अशोक नगर

कानपुर

 

19  सितम्बर, 2018

 

प्रिय राहुल

 

भाई कैसा है…. उम्मीद करता हूँ सब कुशल से होंगे.

कुछ दिन पहले मुझे पापा का पत्र मिला था जिसमे उन्होंने तुम्हारे प्रति नाराजगी व्यक्त की थी. मुझे इस बात का बड़ा ही दुःख हुआ कि तुम्हारे बड़े भाई ने अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पण के भाव के साथ पढ़ाई में मेहनत की थी और तुम्हारा दृष्टिकोण पढ़ाई के प्रति उदासीन है, जो कि एक गंभीर मसला है.

तुमको अपने भविष्य को ध्यान में रख कर पढ़ाई  क्योंकि मम्मी पापा को तुमसे बहुत उम्मीदें हैं, हर माँ- बाप का सपना होता है कि उनकी संतान जीवन में सुखी पूर्वक उन्नति की राह पर चले.

पढ़ाई एक मात्र माध्यम होता है जीवन को ईमानदारी से आगे बढ़ाने का और समाज में इज़्ज़त भी लोग तभी करते हैं जब लोग अच्छी शिक्षा पूर्ण करते हुए सफलता हासिल कर लेते हैं.

 उम्मीद है तुमको मेरी बात समझ में आयी होगी और अपनी शिक्षा के प्रति जागरूक हो जाओगे.

 

तुम्हारा बड़ा भाई,

पवन

 

Letter Writing in Hindi

 

आधिकारिक/ व्यावसायिक पत्र के उदाहरण

 

Letter Writing in Hindi

 

1). एक अखबार के लेखक को उसके लेख की प्रशंसा में एक पत्र

 

29, कुशीनगर

गोरखपुर

 

11 सितम्बर 2018

 

संपादक

दैनिक भास्कर

 

विषय: आरक्षण किसको और क्यों।

 

महोदय,

 

मैं निखिल, दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनितिक शास्त्र का छात्र हूँ और मैं दैनिक भास्कर का नियमित पाठक हूँ. जिस तरह से आप लेख लिखते हैं वो तार्किक शैली और भाव विश्लेषण मुझको बहुत पसंद है क्योंकि ये भाव अपने अंदर सम्पूर्ण समर्पण और बिना किसी भेद भाव के सभी जानकारी उपलब्ध होती है.

अभी  मैंने जल्दी ही आपका आर्टिकल “आरक्षण किसको और क्यों” पढ़ा था और वाकई उस आर्टिकल को पढ़ने के बाद मैं आपका शुक्रिया करने के लिए इस पत्र को लिखने के लिए मजबूर सा हो गया हूँ.

आपने बिलकुल सही कहा है कि कई सालों पहले जब भारत देश आज़ाद हुआ था तब भारतीय संविधान में दलित लोगों के लिए हर क्षेत्र में आरक्षण दिया गया था जिससे वो लोग अपने जीवन शैली में सुधार कर सकें और समाज के साथ प्रगति की ओर रुख कर सकें, लेकिन आज के समय में जब नौकरियों की इतनी मारा-मारी है और जनरल वर्ग के लोगों के साथ अब ये अन्याय जैसा है.

सरकार को आरक्षण आर्थिक स्थिति के अनुसार वर्णित किया जाना चाहिए और इस नियम को संविधान में सुधार के साथ फिर से अपडेट करना चाहिए.

आपने बिना किसी भेद-भाव के अपने सुझाव इस आर्टिकल में दिए…शुक्रिया।

 

भवदीय,

निखिल

 

Letter Writing in Hindi

हिंदी पत्र लेखन

 

2). अपनी कंपनी के प्रबंधक को उनकी पदोन्नति के बारे में सूचित करने हेतु पत्र

 

सीईओ

एक्सेल रिसर्च एसोसिएशन

नोएडा

 

13 जुलाई 2018

 

बिक्री प्रबंधक

एक्सेल रिसर्च एसोसिएशन

 

विषय: उपाध्यक्ष के पद पर पदोन्नति

 

महोदय,

 

आपकी कंपनी  प्रति ईमानदारी और निष्ठा का ही ये परिणाम है कि आपने बिना किसी रुकावट के सदैव ही कंपनी के हित में निरंतर कार्यरत रहे हैं. आपके व्यवहार के बार में कंपनी में हमेशा ही चर्चा रहती है और सभी लोग आपका सम्मान करते हैं.

जब कभी भी कंपनी को ज्यादा काम की जरूरत होती है तब भी आप अपने कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ते और समपर्ण भाव आपके काम में दिखाई देता है और वाकई सराहनीय है.

आज मुझे बड़ी ख़ुशी हो रही है ये सूचित करते हुए कि आपको कंपनी के उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है और आशा करते हैं कि आप इसी तरह आप  अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहे और हम सभी को अपने परिवार की भाँति ही समझें.

 

आपको बहुत बहुत बधाई।

 

भवदीय,

रमेश चंद्र

 

3). अपनी कंपनी के लेखा विभाग को व्यापार में कदाचार, कार्य नीति में कमियों के चलते एक चेतावनी जारी करते हुए एक पत्र

 

सीईओ

कुमार एसोसिएशन

बंगलौर

 

11 दिसंबर, 2018

 

बिक्री प्रबंधक

मुंबई

 

विषय: दुर्व्यवहार के लिए चेतावनी

 

महोदय,

एक बात मैं आपको फिर से याद दिलाना चाहता हूँ कि आपके विभाग के खिलाफ कुछ समय से हमें गंभीर शिकायतें मिल रही हैं. दो महीने पहले भी आपने कंपनी के बिल में गड़बड़ कर दी थी जिसके लिए हम पहले ही आपके विभाग के लोगों के लिए नोटिस जारी कर चुके थे.

अभी जल्दी में ही कुछ ग्राहकों की आपके अभद्र व्यवहार की शिकायतें मिली हैं जो कि अब असहनीय होता जा रहा है. ये कंपनी उन सभी लोगों का सम्मान करती है जो इससे किसी न किसी रूप में जुड़े हुए, अब चाहे वो कंपनी में काम करने वाले लोग हों या फिर हमारे ग्राहक हों.

आपके विभाग के लोगों की इस तरह की हरकतें कंपनी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, इसलिए ये आपके लिए अंतिम चेतावनी पत्र है जिससे आप अपनी भूल सुधार सकें और अपने दुर्व्यवहार पर अंकुश लगा सकें.

आपको सलाह दी जाती है और उम्मीद की जाती है आप इस पत्र को अंतिम चेतावनी पत्र मानकर अपनी भूल सुधारेंगे, अन्यथा आपके विभाग के खिलाफ कंपनी कठोर कार्यवाही यक़ीनन ही करेगी.

 

भवदीय,

कुमार संजय

 

Letter Writing in Hindi

 

 

4). भारतीय रिजर्व बैंक के भर्ती बोर्ड में कुल रिक्तियों की संख्या जानने के लिए एक पत्र

 

55, सुभाष नगर

दिल्ली

 

05 जून 2018

 

निदेशक

भर्ती विभाग

भारतीय रिजर्व बैंक

 

विषय: लेखा विभाग में सहायक पद के लिए कुल रिक्तियों की संख्या जानने हेतु

 

महोदय,

 

मैंने कुछ समय पहले लेखा विभाग में सहायक पद पर नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद 21 जनवरी, 2018 को परीक्षा दी थी, लेकिन अभी तक आपकी ऑफिसियल वेबसाइट पर किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं है और ना ही रिक्तियों की कोई संख्या भी नहीं है.

मुझ जैसे काफी सारे लोग इस आधी अधूरी जानकारी से परेशान भी हैं और चिंतित भी.

इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपा इस दुविधाजनक स्थिति का जल्द से जल्द समाधान करें.

धन्यवाद!!

 

भवदीय,

निर्मल

 

Letter Writing in Hindi

पत्र लेखन

 

5). आपका गौव आवारा कुत्तों के ख़तरों से प्रभावित है इस सम्बन्ध में अपने विधायक को एक प्रतिनिधि पत्र

 

हसनपुर गॉव

ग़ाज़ियाबाद

 

16 अगस्त 2018

 

विधायक

हसनपुर

गाज़ियाबाद

 

विषय: आवारा कुत्तों के खतरों को संज्ञान में लाना.

 

महोदय,

 

2 वर्ष पहले हमारे गॉव के एक बुजुर्ग जो कि इन आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हुए थे तब भी इसकी शिकायत की गयी थी लेकिन जो अधिकारी उस समय हमारे गॉव में इसके हालात जानने आये थे उन्होंने ये आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन 2 वर्ष बाद भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं.

पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं काफी तीव्र हो गयी हैं और स्कूल के बच्चों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना जैसे बहुत ही मुश्किल हो गया है.

हमने गॉव की पंचायत में बहुत बार इसकी शिकायत भी की है लेकिन अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाये गए हैं. आप हमारे क्षेत्र के विधायक हैं और जनता के प्रतिनिधि भी हैं, इसलिए आपके समक्ष शिकायत करना मैंने जरुरी समझा.

उम्मीद है कि आप जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठा कर हमें इस समस्या से निजात दिलाएंगे.

 

भवदीय,

निक्की कुमार

 

निष्कर्ष

यहाँ मैंने कुछ लेखन के उदहारण दिए जिनके माध्यम से आपको अच्छी तरह से अंदाजा भी हो जाएगा कि व्यक्तिगत और आधिकारक पत्र में क्या अंतर् है और उनके लिखने का तरीका क्या है. उम्मीद करता हूँ कि आपको ये आर्टिकल “Letter Writing in Hindi” पसंद आया होगा.

 

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Thanks to be a BusinessBharat Blog Reader…..

Hope you enjoy & Learn!!

5 Comments

  1. Dr.G.pSingh July 21, 2018
  2. deepesh July 22, 2018
  3. Dreams Digital July 24, 2018
  4. bajrang Lal August 19, 2018

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