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How Doorbell works in Hindi/ डोरबेल कैसे काम करती है

How Doorbell works in Hindi

How Doorbell works in Hindi/ डोरबेल कैसे काम करती है

डोरबेल के बारे में तो सब लोग जानते ही हैं और शहरों में तो ज्यादातर लोगों के घरों में डोरबेल लगी होती है. पहले जब डोरबेल नही थीं तब जब भी कोई हमारे घर आता था तो वो दरवाजा खटखटाता था, लेकिन डोरबेल एक type का electric switch होता है जिससे घर के बाहर लगाया जाता है जिससे जब भी कोई घर पर आता है तो दरवाजा खटखटाने की बजाय डोरबेल के स्विच को दबाता है जिससे घर में एक घंटी की तरह की sound होती है जिससे पता चल जाता है कि घर के बाहर कोई आया हुआ है. आपको लगता है कि कितना simple है ना ये कि बस एक बटन दबाओ और गेट खुल जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डोरबेल काम कैसे करती है, तो चलिए बात करते हैं “How Doorbell works in Hindi”.

 

डोरबेल कैसे काम करती है…??

डोरबेल का सबसे अहम् logic है Electro-magnet. जब किसी छोटे magnetic metal के टुकड़े पर कॉपर की coils बांधी जाती है तो electro-magnet बनता है. जब electricity इस coil से होकर गुजरती है तब coil के चारों तरफ magnetic field generate हो जाता है.

डोरबेल में एक switch लगा हुआ होता है जिसको इस तरीके से लगाया जाता है कि उस switch को दबाने पर magnetic coil में current flow होने लगे. जैसे ही हम switch को press करते हैं वैसे ही coils में electricity flow होने लगती है जिससे coil के चारों तरफ magnetic field generate होने लगता है और इसी magnetic mechanism का use करके डोरबेल की sound create होती है.

डोरबेल एक low voltage device है जिसके लिए कम से कम सिर्फ 6-16 volt तक की जरूरत होती है, तो इसके लिए हमें 220 volt AC को down करने के लिए step down transformer लगाया जाता है, जिससे 220 VAC 12 volt तक में आसानी से convert हो जाता है.

 

How Doorbell works in Hindi

 

डोरबेल का सबसे अच्छा उदाहरण होता है Buzzer.
Buzzer self interrupting circuit को operate करता है, जब इसका बटन press किया जाता है तब circuit close हो जाता है और उसकी coil में electro-magnetic field generate हो जाता है, और contact arm electro-magnet पर टकराने (hit) लगता है, जिससे sound create होने लगती है.

 

Electronic और Electro-magnetic डोरबेल में क्या अंतर है….??

यहाँ अभी जो हमने बात की वो है electro-magnetic डोरबेल के बारे में थी. लेकिन अगर बात करें electronic डोरबेल के बारे में तो इस तरीके की डोरबेल में electro-magnet का कोई रोल नही होता. Electronic डोरबेल में IC और circuit होते हैं जिससे जब भी switch press किया जाता है तब उस circuit को power मिल जाती है और उस circuit में जो sound पहले से रिकॉर्ड होती है वो बजने लगती है. इस circuit में पहले से ही कोई भी sound tune record रहती है जो circuit complete होने पर बजने लगती है.

 

Wireless doorbells / वायरलेस डोरबेल

Electronic और electro-magnet डोरबेल की सबसे बड़ी problem ये है कि अगर आपका घर काफी बड़ा है और आपके घर में कोई गार्डन या अन्य कोई ऐसी जगह हो सकती है जहाँ उस डोरबेल की आवाज़ भी नही आ सकती तो ये एक समस्या है इन डोरबेल में. तो इनके लिए वायरलेस डोरबेल होती है जिसके switch में रेडियो ट्रांसमीटर होता है जो 100 मीटर तक की रेंज तक वायरलेस signal भेज सकता है. फिर आप कुछ वायरलेस ringer खरीद सकते हैं जो उस transmitter के ON होते ही बजने शुरू हो जाते हैं और इन ringers को आप घर में कितनी भी जगह पर और कितने भी लगा सकते हैं.

 

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उम्मीद करता हूँ कि “How Doorbell works in Hindi” आर्टिकल आपको पसंद आया होगा.

Thanks a lot to be BusinessBharat Blog Reader…

Hope you enjoy & Learn..!!

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