Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

Best Essay on Water Pollution in Hindi/जल प्रदुषण निबंध

Best Essay on Water Pollution in Hindi

Best Essay on Water Pollution in Hindi/जल प्रदुषण निबंध

ईश्वर ने मनुष्य को इस धरती पर जीवन के  प्रकार के उपहार प्रदान किये हैं, जिनमे एक बहुत ही महत्वपूर्ण है.

जल के बिना मनुष्य अधूरा है. मानव शरीर में दो तिहाई मात्रा जल की है. धरती पर रहने वाले हर जीव को जल की बहुत आवश्यकता है और इसलिए ही कहा जाता है “जल ही जीवन है”.

 

जल में किसी बाहरी पदार्थ की उपस्थिति जो जल के स्वाभाविक गुणों को इस प्रकार परिवर्तित कर दे कि जल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो जाए या उसकी उपयोगिता कम हो जाए, जल प्रदुषण कहलाता है.

 

जल प्रदुषण की परिभाषा

जल का इस प्रकार का संक्रमण या जल के भौतिक, रासायनिक, जैविक गुणों में इस प्रकार का परिवर्तन या किसी औद्यौगिक बहिस्रोत का जल में विसर्जन जिससे उपताप हो रहा हो या होने की सम्भावना हो, जल प्रदुषण कहलाता है.

 

जल प्रदुषण से अभिप्राय, जल निकायों जैसे झीलों, नदियों, समुद्रों और भूजल के जल के दूषित होने से है.

जल प्रदुषण, इन जल निकायों के पादपों और जीवों को प्रभावित करता है और सर्वदा यह प्रभाव न सिर्फ इस जीवों या पादपों के लिए बल्कि सम्पूर्ण जैविक तंत्र के लिए विनाशकारी होता है.

Best Essay on Water Pollution in Hindi

 

जल का महत्व

 

Best Essay on Water Pollution in Hindi

 

आदमी चाँद से लेकर लेकर मंगल की सतह पर जल तलाशने में लगा हुआ है ताकि वहां भी जीवन संभव हो सके. जल हमारे शरीर में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और वसा की तरह ही काम करता है. जल के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है.

हमारे रोजमर्रा के जीवन में जल का बहुत महत्व है. हमारा जीवन तो जल पर ही निर्भर है.

यह हमारे शरीर को पाचन कार्य करने में बहुत मदद करता है. जल हमारे शरीर का तापमान को सामान्य बनाने में भी मदद करता है.

 

परन्तु जब जल मनुष्य के लिए इतना महत्वपूर्ण है तो भी मनुष्य उसकी जरूरत को नहीं समझता और जल को दूषित करता रहता है.

जल प्रदुषण और जल की बर्बादी के कारण अब जल हमें पीने के लिए भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इसका उदाहरण दिल्ली शहर है जहाँ पर लोगों को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध नहीं है.

जहाँ जल प्रकृति की देन है वहीँ आज मनुष्य को जल खरीदकर पीना पड़ रहा है.

 

गंगा भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जानी है. कहा जाता है कि वह स्वर्गलोक की यात्रा कराने वाली नदी है. गंगा अनेक पापों को धोती है, परन्तु वही जीवनदायी गंगा आजकल कारखानों के जहरीले कूड़े-कचरे से प्रदूषित हो गयी है.

 

जल प्रदूषण के कारण

 

Best Essay on Water Pollution in Hindi

 

  • जल प्रदूषण का एक कारण घरेलु कूड़ा- कचरे का जल में बहाया जाना अथवा फैका जाना है.
  • कभी कभी भूस्खलन के दौरान खनिज पदार्थ, पेड़-पौधों की पत्तियां जल में मिलती हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है.
  • घरेलु तथा सार्वजनिक शौचालय से निकास मल- मूत्र जल नदी नालों, तालाबों अथवा अन्य जल स्रोतों में मिल जाता है, तो वह जल प्रदूषण का कारण बन जाता है.
  • कृषि उपज बढ़ाने के लिए उर्वरकों का उपयोग किया जाता है. उर्वरकों की अतिरिक्त मात्रा वर्षा जल के साथ धीरे- धीरे नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों में पहुँच जाती है, जिससे शैवाल उत्पन्न होता है, जिसके परिणामस्वरुप जल के प्रदूषण में वृद्धि होती है.
  • जल प्रदूषण के अन्य कारणों में मृत, जले, अधजले शवों को जल में बहाना, अस्थि विसर्जन करना, साबुन लगाकर नहाना तथा कपडे धोना, नदियों के किनारे मल- मूत्र का त्याग करना तथा धार्मिक अंधविश्वास आदि शामिल हैं.
  • अधिकाँश संयंत्रों में जल का भारी मात्रा में उपयोग है तथा इन संयंत्रों से भारी मात्रा में अपशिष्ट पदार्थ भी निकल कर नदियों में मिल जाते हैं.
  • जब जल के विभिन्न स्रोतों में अनेक प्रकार के रासायनिक पदार्थ मिल जाते हैं, जो जल को प्रदूषित करते हैं. प्रदूषित जल पेड़- पौधों, जीव- जंतुओं के साथ मनुष्य पर भी गहरा प्रभाव छोड़ता है.

Solutions for Water Pollution

Best Essay on Water Pollution in Hindi

 

जल प्रदूषण के प्रभाव

  • जलीय जीव- जंतुओं पर प्रदूषित जल का बुरा प्रभाव पड़ता है. जल प्रदूषण से जल में काई की अधिकता हो जाती तथा ऑक्सीज़न की कमी हो जाती है.
  • प्रदूषित जल को पीने से पशु- पक्षियों को तरह- तरह की बीमारियों हो जाती है.
  • प्रदूषित जल का सबसे भंयकर प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है. प्रदूषित जल से पोलियो, हैज़ा, पेचिस, पीलिया, मियादी बुखार, वायरल फीवर आदि बीमारियां फैलती हैं.
  • जल के प्रदूषित होने के कारण औद्यौगिक इकाईयों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है.

 

जल प्रदूषण रोकने के उपाय

 

Best Essay on Water Pollution in Hindi

 

  • जल स्रोतों के पास गंदगी फैलाने, साबुन लगाकर नहाने तथा कपडे धोने पर प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए.
  • पशुओं को जल में नहलाने से रोगाणुओं के जल में फैलने की संभावना रहती है, इसलिए पशुओं को नदियों, तालाबों आदि में नहलाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.
  • नदियों में शवों, अधजले शवों, राख तथा अधजली लकड़ी के बहाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए तथा नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृहों का निर्माण कर उसके उपयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए.
  • ऐसी मछलियों को जलाशयों में छोड़ा जाना चाहिए जो मच्छर के अंडे, लारवा तथा जलीय खरपतवार क्षरण करती है.
  • जल में पेट्रोलियम पदार्थों को नहीं मिलाना चाहिए.
  • नगरों व शहरों से निकलने वाला मल कूड़ा- करकट आदि जल में नहीं डालना चाहिए. इन्हे शहर के बाहर गड्डों में डालना चाहिए जो बाद में कम्पोस्ट खाद में बदल जाते हैं, जिसका उपयोग खेतों में किया जा सकता है.
  • कुछ इस प्रकार के वैज्ञानिक प्रयोग होने चाहिए जो प्रदूषकों को उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित किया जा सके.
  • घरों में जल को कीटाणु रहित करने के लिए क्लोरीन टेबलेट, आयोडीन आदि का प्रयोग करना चाहिए. आजकल अच्छे प्रकार के फ़िल्टर बाज़ार में उपलब्ध है, उन्हें प्रयोग में लाना चाहिए.
  • सभी शहरों और कस्बों में सीवर की सुविधा होनी चाहिए.
  • जल का न तो दुरूपयोग काना चाहिए और न ही लापरवाही करके व्यर्थ बहाना चाहिए.

 

 

जब तक लोग अपनी ज़िम्मेदारी खुद से नहीं समझेंगे तब तक जल प्रदूषण सिर्फ एक बहस का मुददा ही रह जाएगा. हमें जरूरत है अपनी सोच को और विकसित करने की जिससे जल संरक्षण के साथ हम ये भी साबित कर सकें कि क्यूँ मानव को सबसे बुद्धिमान प्राणी कहा जाता है.

 

Best Essay on Environment Pollution in Hindi पर्यावरण प्रदुषण निबंध

Best Essay on Environment in Hindi/ पर्यांवरण पर निबंध

Best Essay on Wildlife Conservation in Hindi/ वन्य जीव संरक्षण

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम Rashtriya Geet in Hindi

 

उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को ये आर्टिकल “Best Essay on Water Pollution in Hindi/जल प्रदुषण निबंध” पसंद आया होगा.

Thanks a lot to be BusinessBharat Blog reader….
Hope you Enjoy & Learn !!

Leave a Reply