How Battery Charger works in Hindi/ बैटरी चार्जर कैसे काम करता है

How Battery Charger works in Hindi

How Battery Charger works in Hindi/ बैटरी चार्जर कैसे काम करता है

जब कभी भी बैटरी बाज़ार से खरीदने की बात होती है तो सबसे पहले लोग उन बैटरी पर ज्यादा फोकस करते हैं जो Rechargeable battery हों, मतलब इनको फिर से charge किया जा सके और फिर से use में लिया जा सके. Rechargeable बैटरी काफी अच्छी होती हैं और कई सालों तक इनको आसानी से use किया जा सकता है, अगर सही से चार्ज किया जाए तो. कई बात ऐसा होता है कि हमें पता नही होता कि बैटरी को कितनी देर तक और कितने voltage और current से charge करना है और चार्ज करने का सही तरीका क्या है, जिससे हमारी बैटरी जल्दी खराब होने लगती है. किसी भी बैटरी की life और efficiency इस बात पर निर्भर करती है कि उसको इस चार्जर से और किस तरीके से चार्ज किया जा रहा है. तो इसके बारे में जानने के लिए सबसे पहले ये जानना बहुत जरुरी है कि “How Battery Charger works in Hindi”.

 

बैटरी क्या है और कैसे काम करती है…??

जब भी हम किसी बैटरी को load से कनेक्ट करते हैं तब बैटरी की अंदर chemical reaction होती है और दोनों इलेक्ट्रोड एनोड और कैथोड के बीच में potential difference generate हो जाता है जिससे परिपथ में current बहने लगती है.

How Batteries works in Hindi/ बैटरी कैसे काम करती है

लेकिन ये current हमेशा नही रहती क्युकी ऐसी बैटरी में chemical reaction एक समय के बाद बिल्कुल ही ख़त्म हो जाती है जिससे बैटरी dead हो जाती है. यही बुरी चीज़ है Non-rechargeable बैटरी में. लेकिन अगर आप rechargeable बैटरी use करते हैं तो इस chemical reaction को बैटरी चार्जर से फिर से शुरू कर सकते हैं जिससे फिर से बैटरी में reaction start हो जायेगी और उस बैटरी को फिर से use किया जा सकता है.

 

How Battery Charger works in Hindi

 

बैटरी चार्जर कैसे काम करता है…??

जैसा कि पहले भी बताया गया है कि बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट होता है जो charge को store करके रखता है लेकिन जब बैटरी को use किया जाता है तो ये इलेक्ट्रोलाइट धीरे धीरे अपनी power खोने लगता है जिससे बैटरी की power भी ख़त्म हो जाती है. बैटरी चार्जर high current और constant voltage बैटरी को देता है जिससे reverse process start हो जाता है और इलेक्ट्रोलाइट उस चार्जर से energy लेता है और उसको अपने अंदर store करना शुरू कर देता है….अगर simple भाषा में कहें तो ख़त्म हुआ इलेक्ट्रोलाइट फिर से बनना शुरू हो जाता है.

Low क्वालिटी का बैटरी चार्जर बैटरी को खराब भी कर देते हैं क्युकी बैटरी को charge करने के लिए उसकी capacity और constant voltage रखना बहुत ही जरुरी होता है.

जब बैटरी use की जाती है तब इलेक्ट्रोलाइट की लगातार chemical reaction से इलेक्ट्रोलाइट ख़त्म होने लगता है और बैटरी को फिर से charge करने पर इसकी ठीक उल्टी प्रक्रिया होती है जिसमें इलेक्ट्रोलाइट चार्जर से power लेकर फिर से अपने आप को बनना शुरू कर देता है.

 

बैटरी overcharging क्या है…??

जब बैटरी चार्जर को बैटरी से connect किया जाता है तो बैटरी का इलेक्ट्रोलाइट फिर से बनना शुरू हो जाता है और जब पूरा इलेक्ट्रोलाइट बन जाए तब बैटरी चार्जिंग को बंद हो जाना चाहिए. ऐसा भी नही है कि जब हम बैटरी फुल charge कर लेते हैं तो fully इलेक्ट्रोलाइट restore हो जाते हैं, ऐसा बिल्कुल नही है. 100% इलेक्ट्रोलाइट कभी restore नही होते, अगर ऐसा होता तो बैटरी कभी खराब ही नही होती.

बहुत से बैटरी चार्जर में automatic charging स्टॉप का कोई option नही होता कि बैटरी फुल charge होने पर automatic ही बंद हो जाए और जब बैटरी फुल charge होने के बाद भी charging पर लगी रहती है तो उसको बैटरी overcharging बोलते हैं. बैटरी overcharging से बैटरी की life कम होने लगती है और वो जल्दी ही खराब हो जाती है, इसलिए हमेशा smart बैटरी चार्जर का ही उपयोग करना चाहिए जिससे बैटरी की life बनी रहे.

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उम्मीद करता हूँ कि “How Battery Charger works in Hindi” आर्टिकल आपको पसंद आया होगा.

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