Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

How Batteries works in Hindi/ बैटरी कैसे काम करती है

How Batteries works in Hindi

How Batteries works in Hindi/ बैटरी कैसे काम करती है

कभी ऐसा भी वक़्त था जब लोग कोई भी छोटे से छोटे काम को करने के लिए बिजली (electricity) आने का इंतज़ार करते थे और उस समय में बिजली उत्पादन भी इतना नही था कि 24 घंटे बिजली आती रहे, लेकिन अब तो जैसे हर काम बैटरी से ही होता है चाहे वो हमारा मोबाइल फ़ोन हो, लैपटॉप हो, इन्वर्टर हो, कुछ भी, अब तो हम जैसे बैटरी से घिर से गये हैं और ये हमारे लिए और हमारी लाइफ को बहुत आसान भी बनाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैटरी काम कैसे करती है, तो चलिए बात करते हैं “How Batteries works in Hindi/ बैटरी कैसे काम करती है”.

 

बैटरी क्या है और उसकी संरचना कैसी होती है…??

बैटरी एक ऐसी डिवाइस है जो chemical energy को voltage के रूप में electrical energy में convert करती है जिससे current flow होती है.

ज्यादातर बैटरी सिर्फ तीन हिस्सों से मिलकर बनी होती है : इलेक्ट्रोड, इलेक्ट्रोलाइट और एक separator. हर बैटरी में सिर्फ दो इलेक्ट्रोड होते हैं जिनमे एक कैथोड होता है जो पॉजिटिव होता है और एक एनोड जो कि नेगेटिव होता है. जब हम बैटरी की पॉवर को use करते हैं तो current हमेशा positive से negative की तरफ ही बहती है.

 

How Batteries works in Hindi

 

Photo Credit: LargeStanford

 

ये दोनों इलेक्ट्रोड एक प्रकार के liquid जैसे matter में डूबे हुए होते हैं जिसे इलेक्ट्रोलाइट कहते हैं और यही इलेक्ट्रोलाइट electrically charged particles हो store करता है. ये इलेक्ट्रोड इस इलेक्ट्रोलाइट के साथ chemical reaction करते हैं जिससे electric current पैदा होती है.

बैटरी का तीसरा हिस्सा होता है separator, जो कि सिर्फ एनोड और कैथोड दोनों को अलग रखने के लिए use किया जाता है, क्युकी अगर ये दोनों इलेक्ट्रोड आपस में मिल गये तो बैटरी में short circuit हो जाएगा, इसलिए ही दोनों को एक दुसरे से अलग रखने के लिए ही separator का use किया जाता है.

 

How Batteries works/ बैटरी कैसे काम करती है…??

अगर हम alkaline बैटरी की बात करें तो इसमें एनोड जिंक (zinc) material का बना होता है और कैथोड manganese dioxide का बना होता है. जब दोनों इलेक्ट्रोड को पास में रख कर उनको इलेक्ट्रोलाइट liquid से डुबोया जाता है तो इलेक्ट्रोलाइट के ions इलेक्ट्रोड के atoms से रासायनिक अभिक्रिया करते हैं, जिसे oxidation-reduction (redox) भी कहते हैं. एनोड इलेक्ट्रान को छोड़ता है जबकि कैथोड इलेक्ट्रान को ग्रहण करता है, जिससे एनोड और कैथोड के बीच इलेक्ट्रान flow होने शुरू हो जाते हैं, जिससे positive और negative दो electric charge बन जाते हैं, एनोड negative और कैथोड positive charge होता है. इस charge difference की वजह से वोल्टेज उत्पन्न हो जाता है और current flow होना start हो जाती है.

जब भी हम इन बैटरी के terminal पर कोई load लगाते हैं तब circuit complete हो जाता है और current पूरे परिपथ में बहता है और load पर लगा device activate हो जाता है.

 

Types of Batteries/ बैटरी के प्रकार

सामान्य तौर पर बैटरी को दो भागों में विभाजित किया जाता है : Rechargeable और Non-rechargeable बैटरी.

Non-rechargeable बैटरी जैसे टौर्च लाइट की बैटरी सेल, जिनको charge नही किया जाता और एक वक़्त ऐसा आता है जब उसके इलेक्ट्रोड अभिक्रिया करना बंद कर देते हैं और बैटरी ख़राब हो जाती है, तो फिर हमें नए बैटरी सेल लेने होते हैं.

Rechargeable बैटरी जैसे इन्वर्टर, मोबाइल, लैपटॉप की बैटरी जिनको हम चार्ज कर सकते हैं. ज्यादातर electronic device में lithium-ion (Li-ion) बैटरी use होती हैं, जिसका एनोड तो कार्बन का बना होता है और कैथोड lithium cobalt dioxide का बना होता है और इलेक्ट्रोलाइट lithium salt का होता है. कार और बसों में बड़े size की nickel-cadmium की बैटरी लगी होती हैं, जिनको आसानी से चार्ज किया जा सकता है.

 

Also Read:

5 Ways to make Electricity at Home in Hindi/ बिजली बनाने के पांच तरीके

How to make rechargeable Power Bank in Hindi/ पावर बैंक कैसे बनायें

Solar Panel se Battery kaise charge kre in Hindi

 

उम्मीद करता हूँ कि “How Batteries works in Hindi” आर्टिकल आपको पसंद आया होगा.

Thanks a lot to be BusinessBharat Blog Reader…

Hope you enjoy & Learn..!!

3 Comments

  1. Md ehsan May 1, 2018
    • Deepanshu Saxena May 1, 2018
  2. Today's Tech August 10, 2018

Leave a Reply