जल संरक्षण : एक गंभीर महत्व Water Conservation in Hindi

जल संरक्षण एक गंभीर महत्व Water Conservation in Hindi

जल संरक्षण : एक गंभीर महत्व Water Conservation in Hindi

स्रष्टि द्वारा निर्मित वो पांच तत्व जिनसे समस्त जीवन व्याप्त है….जल, वायु, अग्नि, आकाश और पृथ्वी.

कभी कल्पना की है कि अगर इनमें से एक भी तत्व को हटा दिया जाए तब क्या होगा…..??

ये सोचना तो जैसे रूह का काँप जाना…..

ऐसा नही है कि हम लोग जानते नही…जानते सब हैं फिर भी सिर्फ अपने छोटे से लालच और शौक पूरे करने के लिए हम जिस तरह पेयजल की बर्बादी कर रहे हैं….बहुत ही खतरनाक है.

स्वच्छ और पेयजल का व्यर्थ बहाव ना करते हुए उसको सुनिश्चित तरीके से उपयोग में लाकर जल के बचाव की ओर किये गये कार्यों को जल संरक्षण कहते हैं.

सामान्य भाषा में कहें तो, शुद्ध पेयजल का बचाव और व्यर्थ बहाव से रोक ही जल संरक्षण है.

जल संरक्षण Water Conservation in Hindi

 

जल संरक्षण का महत्व (Importance of Water Conservation)

भारत के कई बड़े शहरों में जहाँ अच्छा ख़ासा औधोगीकरण हुआ है, वहां की सबसे ख़ास बात यही है कि वहां की जल और वायु दोनों पर ही खतरनाक प्रभाव पड़ता है जिससे वायु दूषित होने लगती है और साथ ही जल का स्तर भी नीचे जाने लगता है.

कुछ सालों पहले लोग बातें करते थे कि एक वक़्त ऐसा भी आएगा जब बाजारों की दुकानों में पानी भी पैसों से मिला करेगा और लोग उसको खरीद कर पीया करेंगे…और अब ये बात सच भी हो गयी लेकिन इतनी जल्दी इतना सब कुछ होगा इसका अंदाजा ना था.

जल संरक्षण क्यों जरुरी है चलिए इस पर प्रकाश डालते है.

 

1). जिस तरह बड़े शहरों में पेयजल बाजारों में बिकता है जिसका सबसे अहम् कारण है पेयजल की कमी और अगर ऐसे ही चलता रहा तो वो वक़्त अब ज्यादा दूर नही कि हमें जमीं से पानी निकालना ही मुश्किल हो जाएगा और पेयजल की मात्रा में भरी गिरावट होगी……इसलिए जरुरी है जल संरक्षण.

 

2). अनाज, फल, सब्जियां…..जिनका हम सभी उपभोग करते हैं अगर खेतों की सिचाई के लिए पानी ही ना होगा और खाद्यान की पैदावार कम होगी तो भुखमरी के हालत हो जायेंगे……तो इसलिए जरुरी है जल संरक्षण.

 

3). पेयजल की कमी होने से लोग इसका उपयोग कम से कम करेंगे और शुद्ध पेयजल ना होने की वजह से बीमारियाँ पनपना शुरू हो जायेंगी और धीर धीर ये एक बड़ी महामारी का रूप लेगी…..तो इसलिए जरुरी है जल संरक्षण.

 

4). धरती के अंदर जल का स्तर कम होने से धरती बंजर होने लगेगी और धीर धीर करके चटकना शुरू कर देगी. जो कि भूकंप जैसे हालातों को बढ़ावा देता है.

 

5).  वायु मंडल तापमान निरंतर बढ़ रहा है और कई शहरों में तो जाड़ों के मौसम में भी गर्मी के हालत रहते हैं….ऐसे में अगर पानी की कमी आती है तो मानव और जानवर दोनों ही गर्मी से बुरी तरह झुलसने के शिकार होंगे…..तो इसलिए जरुरी है जल संरक्षण.

 

क्यों हालत पैदा हुए जल संरक्षण के…..??

 

जल संरक्षण एक गंभीर महत्व Water Conservation in Hindi

 

इन हालातों के लिए अहम् जिम्मेदार खुद मानव ही है जो पहले तो खुद अपने लिए और साथ ही दूसरों के लिए मुसीबत पैदा कर लेता है और बाद में उसके हल निकालने के लिए अपने आप को बुद्धिमान साबित करने में लगा रहता है.

जल संरक्षण Water Conservation in Hindi

 

1). शहरीकरण और औधोगीकरण दोनों ही इसमें अहम् जिम्मेदारी उठाते हैं क्योकि किसी भी फैक्ट्री या कारखाने के लिए पानी की बहुत अधिक मात्रा में जरूरत होती है. लोगों ने पहले ये सब नही सोचा कि जमीं के निचे भी पानी का स्तर कम हो सकता है और उन्होंने फैक्ट्री कारखानों के लिए सीधे जमीन से ही पेयजल को निकालना शुरू कर दिया.

 

2). बाकी रही सही कसर घरों से पूरी हो गयी क्योकि वो कहते हैं ना कि बूंद बूंद से पूरा घड़ा भर जाता है, तो ऐसे ही जिन घरों में सबमरसिबल के पुंप लगे हैं वो लोग तो ऐसे समझते हैं जैसे कि पूरी दुनिया का पानी उन्होंने ही खरीद लिया हो और जितना मर्ज़ी बहा दो.

लोग छोटे छोटे काम तक करने के लिए सबमरसिबल पम्प स्टार्ट करके घंटों तक पानी बहाते रहते हैं, जिसका अंजाम हम सबको ही भुगतना होगा.

 

3). जब से किसान लोग खेतों में रासायनिक उर्वरक और खाद का उपयोग करने लगे हैं तब से खेतों से भी पानी दूषित होकर जमीं के निचे जाता है और बीमारियों का कारण बनता है.

25 ways to conserve water in the home

 

जल संरक्षण के उपाय

1). कारखानों और फैक्ट्री के लिए शुद्ध पेयजल का उपयोग करना बिल्कुल बंद कर दें और साथ ही सरकार को भी इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

 

2). फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी जो रासायनिक क्रियाओं से होकर गुजरा हुआ है उसकी निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम करें, जिससे वो साफ़ पानी से मिलकर उसको गंदा ना कर सके.

 

3). सबमरसिबल पम्पों को घरों में लगाने की इजाजत ना दी जाए और जिनके घरों में पंप है उनके लिए आटोमेटिक तरीके से पूरे दिन के पानी की लिमिट तय कर देनी चाहिए, जिससे बेवजह जल व्यर्थ होने से बचाया जा सके.

 

4). रासायनिक उर्वरक और खाद की जगह पर किसानों को जेविक और कम्पोस्ट खाद का उपयोग करना चाहिए जो जल प्रदुषण का एक बड़ा हिस्सा वहन करता है.

 

5). सार्वजिक स्थलों पर लगायें गयी पानी की टंकियों को भी आटोमेटिक करना चाहिए जिससे व्यर्थ शुद्ध पेयजल की बर्बादी होने से बच सके.

 

6). वर्षा के जल का संरक्षण एक अहम् उपाय और सुझाव हो सकता है, जिसके पानी को आप इकठा करके अपने घरों के कामों में आसानी से ले सकते हैं जैसे घर की सफाई, कपड़ों की धुलाई आदि.

 

निष्कर्ष

स्रष्टि जो इन पंचतत्वों पर आधारित है, मानव को उन सभी का सम्मान करना होगा, जिनमें जल और वायु दोनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने के साथ साथ मानव को अपनी बुधिमत्ता का साक्षात परिचय देना होगा.

 

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उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को ये आर्टिकल “जल संरक्षण : एक गंभीर महत्व Water Conservation in Hindi” पसंद आया होगा.

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Hope you Enjoy & Learn !!

 

3 Comments

  1. Pipan sarkar February 27, 2018
  2. Ishal ahmad February 27, 2018
  3. Sahil khan June 30, 2018

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